Trilokteerth Dham

त्रिलोकतीर्थ का निर्माण कार्य द्रुत गति से चल रहा हैं। आप भी सहभागी बनने हेतु समपर्क करें
Toll Free: 1800 3070 1108
Mobile: 09319274175, 09810001005, 09999982442

Welcome to SYADWAD PARIWAR
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Guru Mantra

त्रिलोकतीर्थ का निर्माण कार्य द्रुत गति से चल रहा हैं।

आप भी सहभागी बनने हेतु समपर्क करें
Toll Free: 1800 3070 1108
Mobile: 09319274175, 09810001005, 09999982442

जय जिनेन्द्र।

त्रिलोकतीर्थ का निर्माण कार्य तीव्रगति से चल रहा है। आप भी प्रतिमा चैत्यालय देकर पुण्य के सहभागी बन सकते है। दान देना परलोक बैंक है आप अभी दान करोगे तो आगे जाकर उसका फल अवश्य मिलेगा. त्रिलोकतीर्थ में ५१०००/- की प्रतिमा है, चैत्यालय १५१०००/- एवं २५१०००/- का है. आप भी अपना अपना चैत्यालय या प्रतिमा जी लेकर धर्म लाभ ले एवं परलोक बैंक में खाता खोले। गुरु मंदिर का निर्माण कार्य भी द्रुत गति से चल रहा है।

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Trilokteerth was established in Nov 10 1998 by the inspiration of Sant Shiromani Acharya Shri Shanti Sagar Ji Maharaj’s Pancham Pattadheesh and Samadhi Samrat Pujya Acharya Shri Sumati Sagar Ji Maharaj’s Patt Shishya Singh Rath Pravartak Rashtrarishi Syadwad Kesari Param Pujya Acharya Shri Vidyabhushan Sanmati Sagar Ji Maharaj .

It is located near to the India’s capital Delhi on Delhi-Saharnpur highway. This a historical place of Ravan, Pandav’s, Luv-Kush and Lord Parshvanath’s related mythologies. Precisely located at Shri Digambar Jain Atishay Kshetra Badagaon Distt. Bagpat Uttar Pradesh (UP). On the occasion of Acharya Shree’s Golden Jublee year,

Trilokteerth Shilanyas has been done by the Akhil Bhartiya Syadwad Jain Pariwar in the presence of Governor Surajbhan as chief guest and Shri R.K. Jain, Shri Gajraj ji Gangwal, Shri Rajendra prasad ji jain, Shri Mahendra kumar ji jain, Shri Jagdish prasad ji jain etc.

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Panch Kalyanak – Trilokteerth

शताधिक संस्थाओं के प्रेरणा स्रोत , राष्ट्र-ऋषि , सिंहरथ प्रवर्तक , त्रिलोकतीर्थ प्रणेता , पंचम पट्टाचार्य परमपूज्य गुरुदेव आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज" के आशीर्वाद से निर्मित एवं.

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